प्रतिभा पर्व के बारे मे....
माननीय मुख्यमंत्रीजी ने शिक्षा को अपनी सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में रखा है। जब
तक शिक्षा की नींव अर्थात् प्रारंभिक शिक्षा में सुधार नहीं होगा, तब तक माध्यमिक
एवं उच्च शिक्षा में सुधार संभव नहीं है। हर मनुष्य के जीवन एवं विकास में प्रारंभिक
शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिेका होती है, क्योंकि अपनी संभावना के अनुरूप अधिकतम विकसित
होने में बच्चों के लिए यह अवधि बेहद महत्वपूर्ण है। जिम्मेदार शासन एवं समाज का यह
दायित्व है कि वह प्रत्येक बच्चे को उसकी पूर्ण क्षमता के अनुरूप विकसित होने में मदद
करें। अतः यह आवष्यक है कि समाज की सक्रिय सहभागिता से हम व्यापक एवं पारदर्षी मूल्यांकन
करावें जो बच्चे शासकीय स्कूलों में पढ़ते हैं, की शैक्षणिक उपलब्धियाँ कैसी हैं ताकि
इस मूल्यांकन के आधार पर, जो खामियाँ सामने आती हैं, उनको दूर करने हेतु ईमानदारी से
प्रयास किये जा सकें। इस परिप्रेक्ष्य में प्रदेश में ''प्रतिभा पर्व'' के नाम से व्यापक
शैक्षिक कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है जिसके तहत प्रदेश में समस्त शासकीय प्राथमिक
एवं माध्यमिक शालाओं के बच्चों की शैक्षिक उपलब्धियों का जायजा लिया जाएगा। इसके साथ
ही शिक्षण व्यवस्था, शाला संचालन, शालेय सुविधाओं व ग्राम समाज तथा शिक्षक के संबंध
आदि बिन्दुओं पर भी मूल्यांकन किया जाएगा।