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Madhya Pradesh
Sarva Shiksha Abhiyaan सब पढ़ें, सब बढ़ें
03/28/2017 17:37:33
Welcome to Madhya Pradesh State Education Portal
A Suite of Online e-Gov applications to STREAMLINE & AUTOMATE PROCESS involved in CORE FUNCTIONS of Education
Portal Facilitate a Common Platform to Address Diverse Needs of Different Stakeholders
-Teachers, Students, Departments, Government, Public
Improvement in Academic Achievement Levels of more than 1 crore Students
- Online Availability and Analysis of Subject-wise Monthly Tests
Online Village Education Register - Online Availability and Analysis of the Village-wise Education Survey Data for Information-based Planning of Schools, Infrastructure and Facilities

About Us

The SSA programme purpose is Universal Elementary Education (UEE) with adequate facilities for 8 years of elementary schooling of satisfactory quality and provision of alternative schooling facilities in unserved habitations, effective pedagogical interventions to make school attractive, and provision of adequate and context specific initiatives to promote equity by specially targeting the most deprived children.


It is in response to the demand for quality basic education all over the country. The SSA programme is also an attempt to provide an opportunity for improving human capabilities to all children, through provision of community-owned quality education in a Mission mode.


"निरक्षरता हमारे लिए पाप और शर्मनाक है और इसका नाश किया जाना चाहिए। "......... महात्‍मा गांधी

शिक्षा एक ऐसा साधन है जो राष्‍ट्र की सामाजिक –आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में एक जीवंत भूमिका निभा सकता है। यह नागरिकों की विश्‍लेषण क्षमता स‍हित उनका सशक्‍तीकरण करता है, उनके आत्‍म विश्‍वास का स्‍तर बेहतर बनाता है और उन्‍हें शक्ति से परिपूर्ण करता है एवं दक्षता बढ़ाने के लक्ष्‍य तय करता है।


शिक्षा में केवल पाठ्यपुस्‍तकें सीखना शामिल नहीं है बल्कि इसमें मूल्‍यों, कौशलों तथा क्षमताओं में भी वृद्धि की जाती है। इससे व्‍यक्ति को अपने केरियर और साथ ही प्रगतिशील मूल्‍यों के साथ एक नए समाज के निर्माण में एक उपयोगी भूमिका निभाने में सहायता मिलती है। अत: शिक्षा व्‍यक्तिगत स्‍तर के साथ बेहतरी के लिए पूरे समाज में बदलाव ला सकती है।


शिक्षा का क्षेत्र भारत सरकार के लिए अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण रहा है, जिसके द्वारा प्रारंभिक शिक्षा को प्रोत्‍साहन देने के लिए प्रावधानों तथा योजनाओं को नियमित रूप से तैयार किया जाता रहा है।


शिक्षा का अधिकार भारतीय संविधान द्वारा एक मूलभूत अधिकार घोषित किया गया है। इसमें बताया गया है कि " राज्‍य द्वारा 6 से 14 वर्ष की आयु तक के सभी बच्‍चों को नि:शुल्‍क तथा अनिवार्य शिक्षा इस प्रकार प्रदान की जाएगी कि इसे कानून द्वारा निर्धारित किया जाए।"


सर्व शिक्षा अभियान को सभी के लिए शिक्षा अभियान के नाम से ही जाना जाता है अथवा ‘’प्रत्‍येक व्‍यक्ति एक को पढ़ाएं’’ भी कहा जाता है। यह भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे एक अनुकरणीय कार्यक्रम के रूप में 2000-01 में आरंभ की गई थी। यह योजना वर्ष 2010 तक 6 से 14 वर्ष के आयु समूह में सभी बच्‍चों को उपयोगी तथा सार्थक प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने के लिए बनाई गई है।