शिकायत समाधान
मध्य प्रदेश शासन का आदेश क्र. १७०/प्र स/स्कूल शिक्षा/ ०९ दि. २७ अगस्त २००९ के अनुसार शिक्षको के शिकायतों का निराकरण ऑनलाइन एजूकेशन पोर्टल के माध्यम से होगा (आदेश की प्रति)

           शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ ही शिक्षकों की कठिनाईयों को दूर करने की ओर भी विशेष ध्यान दिया गया था। शिक्षक दिवस पर प्रदेश के शिक्षकों को जो महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान की जा रही है, उसमें उनकी प्रशासकीय एवं वित्तीय समस्याओं का अब ऑनलाइन निराकरण हो सकेगा।
  • शिक्षकों की समस्याएं ऑनलाइन दर्ज होगी
  • लिखित शिकायतें भी ऑनलाइन दर्ज होंगी
  • समय व धन का अपव्यय बचेगा और शैक्षिक कार्यों के लिये अब और समय मिलेगा
  • शिक्षकों की समस्याओं का ऑनलाइन निराकरण
  • संयुक्त संचालक एवं वरिष्ट अधिकारी मॉनीटरिंग करेंगे
  • राज्य स्थरीय समीक्षा वीडियो कान्फ्रेंसिंग से भी होगी

           शिक्षक अभी अपनी सेवा संबंधी समस्याओं के निराकरण तथा फॉलोअप करने के लिए संबंधित कार्यालयों में आने-जाने में समय व धन का अपव्यय करते थे। जिससे न सिर्फ शैक्षिक कार्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता था बल्कि विद्यार्थियों का अध्यापन भी प्रभावित होता था। शासन की यह मंशा है कि शिक्षकगण अपने शैक्षिक कार्य के दायित्व का पूर्ण निष्ठा व मनोयोग के साथ निर्वहन करें। इसके लिये शासन का प्रयास रहा कि शिक्षकों की सेवा संबंधी प्रशासकीय एवं वित्तीय समस्याओं का निराकरण तत्काल हो।

           ऑनलाइन दर्ज शिकायतों का निराकरण संबंधित प्रशासकीय अधिकारी द्वारा निश्चित समय-सीमा में किया जायेगा। यह व्यवस्था ऑनलाइन है, इसीलिए सभी स्तरों (शिक्षक/जिला/राज्य/शासन) पर दर्ज समस्याओं एवं कार्यवाही की जानकारी एजूकेशन पोर्टल पर अपना यूनिक आई.डी. या शिकायत आई.डी. देकर प्राप्त की जा सकेगी। समस्त जिला शिक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके जिले में लंबित सभी शिकायतों का पंजीयन एजूकेशन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से हो तथा वे शिक्षकों को शिकायतों के ऑनलाइन पंजीकरण हेतु प्रोत्साहित करें। यदि शिकायती आवेदन टाईप/हस्तलिखित रूप में प्राप्त होता है तो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा उसका भी ऑनलाइन पंजीयन किया जायेगा। एजूकेशन पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के कार्य की मॉनीटरिंग संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा की जायेगी। माह में कम से कम एक बार इस व्यवस्था की वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन स्तर पर समीक्षा की जायेगी।